July 3, 2022
खाना बनाने वाला बना नटवरलाल, पांच साल में कमाए पांच करोड़, जाने कैसे खुला राज

Natwarlal became a cook, earned five crores in five years, know how the secret was revealed

भोपाल। करोड़पति बनने की चाह में एक इंजीनियर नटवरलाल बनकर सामने आया है। मेडिकल कालेज दतिया में 32 पदों पर फर्जी नियुक्ति देकर उसने पांच साल में पांच करोड़ कमाए। यह एक नियुक्ति के एवज में तीन से पाँच लाख रूपये लेता था। कैटरिंग का व्यवसाय करते-करते वह आठ कंपनियों का मालिक बन बैठा। 400 लोगों के नाम आए हैं, जिनसे यह भारी रकम वसूलने वाला था। उसने इन पाँच साल में केटरिंग से लेकर हॉस्टल, होटल, एजुकेशन, कंस्ट्रक्शन, इंटरप्राइजेज और साप्ताहिक पत्रिका तक का संचालन किया। इतना ही नहीं इसी रकम से उसने आलीशान बंगला खड़ा किया। अब इंजीनियर क्राइम ब्रांच भोपाल की गिरफ्त में है। पुलिस रिमांड के दौरान जालसाज ने कई खुलासे किए।

एडिशनल डीसीपी क्राइम शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गत 20 मई को एक युवक ने इस जालसाजी के संबंध में शिकायत की थी। तब से पुलिस आरोपी आशु कुमार पांडे (28) पर नजर रखी थी। कोटरा सुल्तानाबाद कमला नगर में बॉयज हॉस्टल चलाने वाला आशु मूलतरू बिहार का रहने वाला है। उसने दतिया मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति दिलाने का फर्जीवाड़ा कर महज पाँच साल में ही पाँच करोड़ रुपए लोगों से ठग लिए। अब तक 200 लोगों से रुपए लेने का खुलासा हुआ है, जबकि करीब 400 लोगों के लेनदेन के भी दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने उसके पास से दतिया मेडिकल कालेज के डीन की सील और करीब 50 फर्जी नियुक्ति आदेश बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी आशु के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

खुद को कंप्यूटर साइंस विषय से इंजीनियर बताने वाला आरोपी आशु बेहद शातिर है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नौकरी नहीं लगने के बाद वह कैटरिंग का काम करने लगा। उसने इस कारोबार से करीब पाँच साल में आठ कंपनियां खड़ी कर दी थी। वह हॉस्टल, होटल, शिक्षा, कंस्ट्रक्शन, इंटरप्राइजेस और साप्ताहिक पत्रिका का संचालन कर रहा था। जल्द ही करोड़पति बनने की चाहत में वह तीन साल से मेडिकल कालेज में नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देना शुरु कर दिया। यह कंप्यूटर से फर्जी तरीके से लेटर हैड तैयार कर लोगों से तीन लाख रुपए से लेकर पाँच लाख रुपए तक वसूलने लगा।

बताया गया है कि वह जल्द ही एक अखबार भी लान्च करने वाला था। क्राइम ब्रांच ने जब आशु के घर पर छापा मारा तो उन्हें शासकीय कार्यालयों की तरह यहां स्थापना शाखा बनी मिली। यहां पुलिस को दतिया मेडिकल कालेज के लेटर हेड पर विभिन्न पदों की नियुक्ति प्रमाण पत्र, फर्जी आई कार्ड जिनमें अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया ममध्यप्रदेश की सील लगी मिले। दो रजिस्टर व एक कम्प्यूटर से निकले प्रिंट की सूची, दो डेस्कटॉप कम्प्यूटर मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018-19 में दतिया मेडिकल कालेज में विभिन्न पदों पर लोअर ग्रेड क्लर्क, ड्रायवर पद, लाइब्रेरियन, सफाई कर्मी, लैब अटेंडेंट समेत कई पद निकले थे। तब वहां उसका रिश्तेदार कैंटीन चलाता था इसलिए उसका जाना हुआ था। यहां से उसे आइडिया आया कि फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लोगों से ठगी की जा सकती है। वह 32 पदों पर नियुक्ति पत्र देता था। उसके निशाने पर ग्वालियर और चंबल के बेरोजगार युवक थे। उसने 90 फीसदी यहां से ठगी की है। आरोपी के बिजनेस इस प्रकार से थे – सिंह केटरर्स, पांडे बॉयज होस्टल, होटल सिंह विला, सिंह एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, सिंह कंस्ट्रक्शन, अनमोल राग (हिन्दी मासिक) एवं सिंह इंटरप्राइजेज शामिल हैं।

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