August 17, 2022
देहरादून में छाए बादल, पर्वतीय इलाकों में आज भी भारी बारिश के आसार

कुमाऊं क्षेत्र के पर्वतीय इलाकों में अगले 24 घंटे के भीतर फिर भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों ने कुछ इलाकों में भारी ओलावृष्टि के साथ ही बिजली गिरने की संभावना भी जताई है।
शुक्रवार को राजधानी देहरादून सहित राज्य के अधिकतर इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है।

मध्यम से भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानियों ने राजधानी देहरादून व आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे में तेज गर्जना के साथ ही मध्यम से भारी बारिश की संभावना जतायी है। वहीं, जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे भारी बारिश के चलते संभावित आपदा पर नजर रखें। ताकि, आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लेखपालों से पल-पल की रिपोर्ट लें।

बड़कोट: तहसील पहुंचने के लिए 20 किमी का फेर
सर बडियार एवं ठकराल पट्टी के 13 गांवों का संपर्क तहसील और ब्लाक मुख्यालय से 25 दिन बाद भी नहीं जुड़ पाया है। सड़क धंसने से ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किमी पैदल चलना पड़ रहा है। ब्लाक प्रमुख ने डीएम को पत्र लिखकर शीघ्र समस्या के निस्तारण की मांग की है।

ठकराल पट्टी के पांच और सर बडियार पट्टी के आठ गांवों को राजगढ़ी-सरनौल मोटर मार्ग तहसील मुख्यालय से जोड़ता है, जो सितंबर प्रथम सप्ताह में सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा धंस गया था। क्षेत्र की समस्या को लेकर ब्लाक प्रमुख सरोज पंवार ने पीएमजीएसआई के अधिकारियों को गत 27 सितंबर को ब्लाक में बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए।

बिना देखरेख के ट्रॉलियां भी शोपीस
दोनों पट्टियों के 13 गांवों के लिए अलग-अलग जगह ट्रॉलियां भी लगी हुई है, लेकिन उन पर रस्से न होने के कारण वह शोपीस बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना के प्रदेश उपाध्यक्ष जगमोहन ने लोनिवि ने सरबडियार के ग्रामीणों के लिए रतेली गगाड़ व ठकराल के लोगों के लिए रखंणी खड्ड पर लाखों के लागत से ट्रॉली लगा रखी है, लेकिन बिना देखरेख अभाव में वह भी शोपीस बन कर रह गई है।

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