August 17, 2022
Breaking: सिसवा विकास खंड में गजब का मनरेगा घोटाला, कुवैत गया व्यक्ति गांव में कर रहा है पोखरे की खुदाई

सरकार की मनरेगा योजना को फर्जीवाड़ा करके लूट की योजना बना दी गई है

सिसवा बाजार-महाराजगंज। सिसवा विकासखंड में मनरेगा में घोटाला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, अब जो सनसनीखेज मामला सामने आया है वह काफी चौकाने वाला है, क्यों कि कुवैत में गया व्यक्ति अपने गांव में मनरेगा योजना से तालाब की खुदाई के साथ ही चकरोड़ पर मिट्टी भी डाल रहा है, गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने इस मामले का खुलासा करते हुए अधिकारियों के पास शिकायत पत्र भेज कर कार्यवाही की मांग की है, अब देखना है घोटालेबाज किस तरह अपने आप को बचाते हैं।

बताते चलें सकरकार मनरेगा योजना द्वारा गरीब परिवारों को रोजगार मुहैया कराती है लेकिन यहां तो मनरेगा योजना में लूट मची है, फर्जीवाड़ा कर अधिकारी अपनी जेब भरने में लग गए हैं, अब जो मामला सामने आया है वह काफी चौंकाने वाला है, यह मामला है सिसवां विकासखंड के ग्राम मथानिया का, यहां के निवासी उमाशंकर प्रसाद ने जिलाधिकारी सहित तमाम अधिकारियों को एक शिकायत पत्र भेजकर इस मामले का खुलासा किया है।

उन्होंने श्किायती पत्र में लिखा है कि वर्तमान ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक व सचिव आपस में मिलकर मनरेगा के धन का बंदरबांट कर रहे हैं, ग्राम पंचायत में जॉब कार्ड संख्या 280 विद्यासागर पुत्र सीताराम जो 22-05-2022 को गांव से मुंबई के लिए व दिनांक 25-05-2022 को मुंबई से कुवैत के लिए रवाना हुए, इनके कुवैत जाने के बाद मनरेगा के तहत राजेंद्र पटेल पुत्र रामनारायण के खेत में पोखरी/ तालाब खुदाई कार्य में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक व सचिव ने मिलकर 23-05-22 के 05-06-22 तक 12 दिन विद्यासागर पोखरी/तालाब की खुदाई में बतौर मनरेगा मजदूरी कर रहे थे।

मामला इतना ही नही है इस मामले की जानकारी मिलने पर जब हमने वेवसाइट पर जॉब कार्ड संख्या 280 को खोला तो पता चला विद्यासागर जो 23-05-22 के 05-06-22 तक राजेंद्र पटेल के खेत में पोखरी/तालाब की खुदाई में मजदूरी कर रहे थे, दिनांक 07-06-22 से 20-06-22 तक यानी 12 दिन मुकेश के खेत से महेंद्र यादव के खेत तक चक रोड पर मिट्टी भराई का कार्य किया है

अब सवाल यह उठता है कि जो व्यक्ति कुवैत में मौजूद है वह गांव में मनरेगा में तालाब और चकरोड की भराई कैसे कर रहा है, क्यों कि जब मस्टरोल भरे जाते हैं उस मजदूर को कार्यस्थल पर होना चाहिए, इस तरह सरकार की मनरेगा योजना को फर्जीवाड़ा करके लूट की योजना बना दी गई है, अब देखना है अधिकारी निष्पक्ष जांच करते हैं या फिर लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।

सिसवा ब्लॉक में कोई बोलने को तैयार नहीं
इस मामले में सिसवा ब्लॉक का कोई अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है, सम्बंधित अधिकार व कर्मचारी अपनी गर्दन को बचाने में लगे हुए है, अब देखना है कि जिले के अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई कर रहे हैं।
परसिया में मनरेगा घोटाले में हो चुका है मामला दर्ज
सिसवा विकास खण्ड के ही ग्राम परसिया में भी मनरेगा योजना से में हुए एक घोटाले पर जिलाधिकारी के आदेश पर पिछले दिनों कोठीभार थाना में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और सचिव के विरूध मुकदमा दर्ज हो चुका है।

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