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दुनिया में पहली बार इंसान के अंदर धड़केगा सूअर का दिल

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दुनिया में पहली बार इंसान के अंदर धड़केगा सूअर का दिल

न्यूयॉर्क । अक्सर देखा गया है कि इंसान का दिल अगर किसी बीमारी की वजह से काम करना बंद कर देता है तो डॉक्टर सर्जरी के जरिए हार्ट ट्रांसप्लांट का रास्ता चुनते हैं। ट्रांसप्लांट होने वाला ये दिल आमतौर पर इंसान का ही होता है। लेकिन चिकित्सा जगत में पहली बार एक व्यक्ति में आनुवंशिक रूप से परिवर्तित एक सूअर का दिल सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया है।  यह कामयाबी अमेरिकी शल्य चिकित्सकों ने पाई है। उन्होंने 57 साल के एक व्यक्ति में आनुवंशिक रूप से परिवर्तित एक सूअर का दिल सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर इतिहास रच दिया।

   दुनिया के चिकित्सा जगत के लिए यह बड़ी अच्छी खबर है। इससे हृदय प्रत्यारोपण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। इससे हृदय की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाखों लोग के दिल के प्रत्यारोपण का नया रास्ता खुल गया है। अमेरिका के दवा नियामक एफडीए ने इस सर्जरी के लिए नए साल की पूर्व संध्या पर मंजूरी दी थी। सूअर के दिल के प्रत्यारोपण की यह आपात मंजूरी 57 साल के इस पीडि़त व्यक्ति की जान बचाने के लिए अंतिम उपाय थी। 
यह ऐतिहासिक सर्जरी शुक्रवार को संपन्न हुई। यूनिवर्सिटी आफ मैरीलैंड मेडिकल स्कूल ने बयान जारी कर इस सर्जरी के बारे में मीडिया को जानकारी दी। यह शल्य चिकित्सा पशुओं के अंगों के इंसान में प्रत्यारोपण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। 
       यू  निवर्सिटी के बयान के अनुसार पीडि़त डेविड बेनेट की हालत काफी नाजुक थी। इसलिए उसकी जान बचाने के लिए आनुवांशिक रूप से परिवर्तित सूअर का हृदय प्रत्यारोपित करने का फैसला किया गया। डेविड की हालत में अब सुधार हो रहा है और उस पर पूरी नजर रखी जा रही है कि नया अंग किस तरह काम कर रहा है। बेनेट का परंपरागत रूप से होने वाले हृदय प्रत्यारोपण नहीं हो सकता था, इसलिए अमेरिकी चिकित्सकों ने यह बड़ा फैसला लेकर सूअर का दिल प्रत्यारोपित कर दिया। 

    मैरीलैंड के रहने वाले डेविड ने सर्जरी के एक दिन पहले कहा था कि उसके सामने दो ही रास्ते थे। एक ओर मौत थी और दूसरी ओर इस प्रत्यारोपण के जरिए नए जीवन की आस। अंधेरे में चौका लगाना मेरे लिए अंतिम विकल्प था। बेनेट पिछले कई माहों से बिस्तर पर ही हार्ट-लंग बायपास मशीन के सहारे जी रहे थे। उन्होंने उम्मीद है कि अब वह एक बार फिर उठ खड़े होंगे। 
  बेनेट में सू्अर का हृदय प्रत्यरोपित करने वाले डॉ. बार्टले ग्रिफिथ ने कहा कि हृदय की शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में यह बड़ी सफलता है। इससे अंगदान की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।