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अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा CMS छात्र को 88,000 अमेरिकी डालर की स्कॉलरशिप

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के प्रतिभाशाली छात्र सोहम सारस्वत को उच्चशिक्षा...
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अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा CMS छात्र को 88,000 अमेरिकी डालर की स्कॉलरशिप

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के प्रतिभाशाली छात्र सोहम सारस्वत को उच्चशिक्षा हेतु अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना द्वारा 88,000 अमेरिकी डालर की स्कॉलरशिप से नवाजा गया है। सोहम को यह स्कॉलरशिप चार वर्षीय उच्चशिक्षा अवधि के दौरान प्रदान की जायेगी। स्कॉलरशिप की मदद से अब यह छात्र विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से सुविधापूर्वक इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को साकार कर सकेगा। उक्त जानकारी सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने दी है। शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. के इस प्रतिभाशाली छात्र ने अपनी लगन, प्रतिभा व शैक्षणिक उत्कृष्टता के दम पर विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में स्कॉलरशिप के साथ चयनित होकर अपने मेधात्व का परचम लहराया है, साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर लखनऊ का नाम रोशन किया है। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने सोहम को उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनायें दी हैं।


शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष सी.एम.एस. के 100 से अधिक मेधावी छात्र विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में उच्चशिक्षा हेतु चयनित होते हैं। वर्ष 2021 में भी सी.एम.एस. के लगभग 100 छात्रों का अमेरिका, इंग्लैण्ड, कैनडा, आस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर, जर्मनी आदि विभिन्न देशों के ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालयों में चयन हुआ है, जिनमें से अधिकतर को स्कॉलरशिप प्राप्त हुई है।


सी.एम.एस. छात्रों के दृष्टिकोण व्यापक बनाने व उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु सदैव प्रयासरत है और इसी कड़ी में छात्रों को भारत में एवं विदेशों में उच्चशिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रहा है। सी.एम.एस. प्रदेश में एकमात्र एस.ए.टी. (सैट) एवं एडवान्स प्लेसमेन्ट (ए.पी.) टेस्ट सेन्टर है जो उत्तर प्रदेश एवं आसपास के अन्य राज्यों के छात्रों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद कर रहा है। इससे पहले, विदेश में उच्चशिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक प्रदेश के छात्रों को सैट परीक्षा के लिए दिल्ली जाना पड़ता था।