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इस महीने से योगी सरकार देगी फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन, इस यूनिवर्सिटी की गलती से लाखों छात्र इस योजना से कही रह न जाएं वंचित

लखनऊ- DVNA। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों से...
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इस महीने से योगी सरकार देगी फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन, इस यूनिवर्सिटी की गलती से लाखों छात्र इस योजना से कही रह न जाएं वंचित

लखन­ऊ- DVNA। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों से जुड़े लाखों विद्यार्थी प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी टैबलेट वितरण योजना और छात्रवृत्ति योजना से वंचित तो नहीं रह जाएंगे। अब तक स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का प्रमोशन अपडेट नहीं होने तथा स्नातक और परास्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों के परिणाम नहीं आने से यह सवाल उठने लगा है। गुआक्टा और स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद ने इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताते चले कि उत्‍तर प्रदेश सरकार ने स्नातक व परास्नातक समेत अन्य विद्यार्थियों को स्मार्ट बनाने के लिए टैबलेट योजना की शुरुआत की है। नवम्बर महीने में ही टैबलेट वितरण का शुभारंभ होना है। जबकि छात्रवृत्ति की तारीख भी 25 अक्तूबर से बढ़ाकर 30 नवम्बर कर दी गई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय और सम्बद्ध महाविद्यालयों में अभी तक स्नातक व परास्नातक के कई कक्षाओं का परिणाम ही घोषित नहीं हुआ है। इससे यह आशंका बनने लगी है कि कहीं ये विद्यार्थी इस योजना से वंचित न रह जाएं।
जिन्हें पहले मिलना चाहिए, उन्हीं का रिजल्ट अभी तक नहीं आया
गुआक्टा के महामंत्री डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक टैबलेट वितरण पहले स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष तथा परास्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को पहले दिया जाना है। अब तक उन्हीं को न प्रमोट किया गया और न ही परीक्षा परिणाम आया है। ऐसे में लाखों छात्र न छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही लैपटॉप के लिए। रिजल्ट नहीं आने के कारण ही टैबलेट योजना के सम्बंध में विवि प्रशासन द्वारा कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया जा रहा है।
कैसे भरें टैबलेट और छात्रवृत्ति फॉर्म
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद ने विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष डॉ. कृष्ण मुरारी पाल ने आरोप लगाते हुए बताया कि स्नातक व परास्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार ने प्रमोट करने का आदेश जारी किया था। इसे विश्वविद्यालय के सिस्टम में सिर्फ अपडेट किया जाना है, जो अब तक नहीं हो सका। इसी तरह स्नातक द्वितीय वर्ष व परास्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा हुई थी, उसका भी परिणाम अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसे में स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष तथा परास्नातक प्रथम वर्ष में रहे छात्र इस बार न लैपटॉप के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही छात्रवृत्ति के लिए।