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अब कोई भी व्यक्ति घर में एक गाय पाल सकेगा, कुत्ता पालने के लिए लेना होगा लाइसेंस

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अब कोई भी व्यक्ति घर में एक गाय पाल सकेगा, कुत्ता पालने के लिए लेना होगा लाइसेंस

कानपुर। कानपुर में अब गाय और कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस लेना होगा। सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी में इस पर फैसला लिया गया। अब कोई भी व्यक्ति घर में एक गाय पाल सकेगा। अधिक रखने के लिए पहले नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा कुल 36 प्रस्ताव कार्यकारिणी से पास किए गए। इसमें ज्यादातर प्रस्ताव चौराहों,रोड और पार्कों के नामकरण के थे।
         घर में कुत्ता पालने के लिए पहले नगर निगम से 1200 रुपए प्रति साल के लिए लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए नगर निगम घर-घर सर्वे भी कराएगा। इसके अलावा गाय के लिए अभी शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। वहीं,गाय को किसी भी सूरत में रोड पर की मनाही होगी। पकड़े जाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया जाएगा। नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि गाय सड़क पर छोडऩे की बजाय नगर निगम गोशाला में दे सकेंगे।
         शहर में बिना नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराए 800 से ज्यादा पेट क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। अब नगर निगम में इनको भी टैक्स देना होगा। ये पहली बार है कि पेट क्लीनिक को टैक्स के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा नगर निगम ने हॉस्पिटल पर लगाए गए टैक्स को कम कर दिया है। इनमें 50 बेड के नर्सिंग होम पर पहले 7500 रुपए टैक्स था, अब इसे घटाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। वहीं, नगर निगम का 14 अरब 43 करोड़ रुपए का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया।
       शहर में हाउस टैक्स को लेकर लखनऊ की आईटीआई कंपनी पूरे शहर में सर्वे कर रही है। इससे हाउस टैक्स को लेकर भारी अनियमितताएं खड़ी हो गई हैं। पार्षदों की आपत्ति के बाद कार्यकारिणी ने तय किया कि जोनल अधिकारी कराए गए सर्वे को क्रॉस चेक करें, इसके बाद ही हाउस टैक्स को लागू किया जाएगा।
       शहर के सभी 110 वार्ड में 10-10 स्ट्रीट लाइट लगाने के फैसले के बाद भी अभी तक लाइट लगाने का काम शुरू नहीं हो सका है। ईईएसएल ने लाइट लगाना बंद कर दिया था। लेकिन, अब नगर निगम लाइट खुद खरीदकर लगाएगा। करीब 2 करोड़ रुपए से लाइट खरीदी जाएंगी।
       नगर निगम के धनकुट्?टी अस्पताल को सपा विधायक अमिताभ बाजपेई द्वारा विधायक निधि से बनवाया जा रहा है। अब महापौर ने इस मामले में चीफ इंजीनियर एसके सिंह से इस्टीमेट तैयार करने के लिए कहा है। विधायक द्वारा कराए जा रहे निर्माण को रोक दिया गया है। अब नगर निगम इस्टीमेट के आधार पर विधायक से निधि देने की डिमांड करेगा। वहीं,एटूजेड प्लांट पर अधिकारियों की लचर पैरवी पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई है।