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आग के लपटों में घिरी महिला घुस गयी थाने में, थाने पर चल रहा था समाधान दिवस

पुलिसकर्मी सरकारी एम्बूलेंस से महिला को अस्पताल ले गए
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आग के लपटों में घिरी महिला घुस गयी थाने में, थाने पर चल रहा था समाधान दिवस

मथुरा। पीडिता ने थाने के गेट के बाहर सडक पर खुद को आग लगा ली। इसके बाद महिला थाना परिसर में जा घुसी। जिस समय यह घटना घटी थाने पर समाधान दिवस का आयोजन चल रहा था। महिला को आग की लपटों में घिरा देख हडकांप मच गया। आनन फनन में पुलिसकर्मियों ने आग को बुझाया। इस बीच महिला बुरी तरह झुलस चुकी थी। पुलिसकर्मी सरकारी एम्बूलेंस से महिला को अस्पताल ले गए। गंभीर हालत देखते हुए आगरा रैफर कर दिया गया।
      घटना की सूचना पर एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर, एसपी देहात श्रीशचंद, एसडीएम महावन, तहसीलदार भी थाने पहुंच गए थे। आलाधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी करने में जुटे थे। इसी तरह की एक घटना थाना सुरीर में 2019 में घटी थी। जब जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगा कर दंपति ने थाना परिसर में कैरोसिन डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया था। उपचार के दौरान पति की मौत हो गई थी।
 

 शनिवार को थाना राया क्षेत्र के एक गांव की महिला अपने पति के साथ थाने पर आई। बताया जा रहा है कि महिला दो दिन पहले भी थाने आई थी और कुछ लोगों पर खुद पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया था। पुलिसकर्मियों ने महिला को कार्रवाही का आश्वासन देकर वापस भेज दिया था। इसके बाद महिला एक बार फिर थाना दिवस में आई। इसके बाद जो कुछ हुआ उसने सब को हैरानी में डाल दिया। वर्ष 2017 में पीडित महिला ने थाना राया पर गांव के कुछ लोगों पर मुकद्दमा दर्ज कराया था। बताया जा रहा है कि तभी से महिला को प्रताड़ित किया जा रहा था। अब काफी समय से गांव के नामजद युवक उसे राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे। पीडित पक्ष ने  महिला ने पुलिस पर शिकायत को बार बार अनसना करने का आरोप लगाया है।  
 

 डा.गौरव ग्रोवर, एसएसपी मथुरा
        थाना राया पर करीब 12 बजे अपने पति के साथ महिला प्रार्थना पत्र देने आई थी। महिला के पति के अनुशार उसने पत्नी को सडक पर आग लगी स्थिति में देखा। जिसे तत्काल पुलिसकर्मियों के द्वारा बुझाया गया। महिला का गांव के ही कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था। इनका अपने गांव के ही लोगों के साथ पूर्व से ही विवाद चल रहा था, पूर्व से ही कुछ अभियोग पंजीकृत थे। उपचार हेतु प्रयास किया जा रहा है। दिए गए प्रार्थनापत्र व अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।