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मुख्यमंत्री का कृषि मण्डी शुल्क कम करने के लिये जताया आभार

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश में कृषि मण्डी शुल्क कम करने तथा...
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मुख्यमंत्री का कृषि मण्डी शुल्क कम करने के लिये जताया आभार

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश में कृषि मण्डी शुल्क कम करने तथा व्यापारियों की अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने पर विभिन्न उद्योग एवं व्यापार से जुड़े संगठनों ने आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मानित किया।

गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सांसद नरेश बंसल के नेतृत्व में आये प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल, दून व्यापार मंडल, किराना मर्चेंट एसोसिएशन, राइस मिलर्स एसोसिएशन, फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन, टिंबर मर्चेंट एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएश, केमिस्ट एसोसिएशन आड़त बाजार आदि संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उद्योग एवं व्यापार से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान का बेहतर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग व व्यापार सही ढंग से चले इसके लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा उनके हित में निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने लगभग हर समस्या का समाधान का रास्ता निकाला है। सरकार सभी की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। व्यवधान नहीं समाधान हमारा उद्देश्य है। उद्योग व्यापार से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिये कमेटी भी बनायी है। प्रदेश में उद्योग व व्यापार अच्छे ढंग से चलेंगे तो उसका लाभ सभी को होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य हित में लगभग 600 फैसले लिये हैं। उन्हें धरातल पर उतारने के प्रयास हो रहे हैं। राज्य में प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना पर 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार कई हितकारी निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। राज्य के विकास के लिये जो भी प्रयास किये जाने हैं वह किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का समग्र विकास हमारा ध्येय है इसमें सभी को सहयोगी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है।

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक डेढ़ साल तक प्रदेश में मण्डी शुल्क समाप्त रहा है। उन्होंने कहा कि मण्डी किसानों के उत्पादों के विपणन की व्यवस्था के साथ ही वहां कई लोगों को रोजगार भी मिला है। हमारा प्रयास है कि मण्डी भी चलती रहे तथा व्यापारियों की समस्याओं का भी समाधान हो।

इस अवसर पर विपिन नागलिया, विनय गोयल, विश्वास डाबर, सुरेंद्र जैन, रमेश गोयल, रामगोपाल बंसल, सुनील मैसोन, राजेन्द्र प्रसाद गोयल, विनोद गोयल, राम गोपाल आदि सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं व्यापारीगण उपस्थित थे।