

महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा तहसील निचलौल में दर्जिनिया ताल के मगरमच्छ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया गया और डीएफओ से दर्जनिया ताल के विषय में जानकारी प्राप्त किया।
डीएफओ ने अवगत कराया कि दर्जिनिया ताल कुल 3 हे. में फैला हुआ है, ताल में एक वॉच टावर और मड ट्रैक मौजूद है, मगरमच्छों के विहार हेतु ताल की सफाई की जाती है। उन्होंने बताया कि ताल के कारण विविध पंछियों (लिटिल एग्रीट, कॉरमोरंट, वॉटरहेन, इत्यादी) का प्रवासन करते हैं, ताल में पर्याप्त संख्या में मगरमच्छ विहार एवं बास्कींग ( Basking) करते पाए गये।


जिलाधिकारी ने दर्जिनिया ताल के इको- टूरीज्म के दृष्टिकोण से विकास हेतु ट्री-हाउस, रेस्ट हट, इत्यादी सुविधा प्रदान करने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया ताकि पर्यटक कुदरत की इस देन का लुफ्त उठा सकें।
उन्होंने दर्जनिया ताल को मगरमच्छ प्रजनन केंद्र के रूप में स्थापित करने और इसको इको-पर्यटन के रूप में विकसित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सोहागीबरवा वन्यजीव अभयारण्य के समेकित विकास हेतु पर्यटन और वन विभाग को योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने निचलौल रेंज स्थित बैठवलिया बीट के ग्राम सभा भेड़िहारी के वृक्षारोपण स्थल का भी निरीक्षण किया, जो 03 हे. में स्थित है जिसमे महोगनी, जामुन, गुटेल, अर्जुन और कटहल के कुल 4800 पौधे रोपित पाये गए। जिलाधिकारी ने जनपद के वनाच्छादित क्षेत्रफल में वृद्धि हेतु अधिकाधिक वृक्षारोपण का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएफओ निरंजन सुर्वे राजेंद्र, एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।







