

महराजगंज। बाल विवाह मुक्त भारत के तहत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत आज 21 जनवरी 2026 को पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति एवं यूनिसेफ के सहयोग से जनपद में जागरूकता रैली, हस्ताक्षर अभियान एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी महराजगंज संतोष कुमार शर्मा द्वारा जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर किया गया।


इसके पश्चात जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में जिलाधिकारी, पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के निदेशक फादर शाजी जोसेफ, यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह सहित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर कर बाल विवाह मुक्त महराजगंज के संकल्प को दोहराया। इसके उपरांत विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनपदवासियों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह न करें तथा लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही विवाह करें। उन्होंने “बाल विवाह को ना और शिक्षा को हां” का संदेश देते हुए सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने पर बल दिया तथा इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग के लिए पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति एवं यूनिसेफ की सराहना की।
इस अवसर पर पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के निदेशक फादर शाजी जोसेफ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद के निचलौल, नौतनवा एवं मिठौरा ब्लॉक के विभिन्न गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसामान्य को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के लिए जागरूकता वाहन, हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं नुक्कड़ सभा के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा इसकी सूचना देने के लिए संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी जा रही है।
जागरूकता वाहन जिलाधिकारी कार्यालय से प्रारंभ होकर मुख्य चौराहा, सिंदुरिया, मिठौरा, निचलौल, गडौरा होते हुए ठूठीबारी पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान महराजगंज, मिठौरा, निचलौल एवं ठूठीबारी के बस अड्डों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर बाल विवाह के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। लोगों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा पुलिस हेल्पलाइन 112 पर बाल विवाह की सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (सीएमपीओ) के रूप में नामित किया गया है, जिससे लोग ग्राम स्तर पर भी बाल विवाह की सूचना दे सकें।
यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह ने 27 नवंबर से 8 मार्च तक संचालित अभियान की जानकारी देते हुए द्वितीय चरण में ऑनलाइन शपथ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, मानव तस्करी रोधी थाना की टीम, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।






