बोरे में बंद लाश के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है
इंदौर। बोरे में बंद लाश के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कर उसकी पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पत्नी ने बताया कि वो मृतक की तीसरी पत्नी है। इससे पहले पति की हरकतों से तंग आकर दो पत्नियां उसे छोड़कर चली गई थीं। 15 साल छोटी तीसरी पत्नी ने भी प्रताडऩा से तंग आकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
तीसरी पत्नी ने बताया कि मैं उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद की रहने वाली हूँ। वर्ष 2011 में रवि ठाकुर से शादी हुई थी। रवि कुछ माह बाद मूुझे लेकर इंदौर आ गया। वह हेल्पर का काम करता था। वर्ष 2013 में सरिए से भरे ट्रक से हादसा हुआ, जिसमें पति रवि और ड्रायवर की मौत हो गई। इस दौरान मेरी एक साल की बेटी थी। पति की मौत के बाद मैं अपने माता-पिता के पास भवानी नगर में रहने लगी। यहां सिलाई का काम करती थी। देवेंद्र मेरे गांव का ही रहने वाला था। मेरे पिता उसे पहचानते थे। उन्हें यह भी पता था कि देवेंद्र की दो पत्नियां उसे छोड़कर जा चुकी हैं। उसकी उम्र उस समय 36 साल के लगभग थी। वो मेरे से 15 साल बड़ा था। माता-पिता ने मेरी शादी उससे करा दी। एक साल तक तो देवेंद्र ने मुझे अच्छे से रखा। लेकिन धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदलने लगा। बात-बात पर विवाद करता और पीटता था। प्रेग्नेंसी के दौरान भी उसने मुझसे कई बार मारपीट की। बेटे का जन्म हुआ। इसके बाद भी उसकी प्रताडऩा बंद नहीं हुई। परेशान होकर माता-पिता के पास आ गई। यहां आकर भी देवेंद्र विवाद करने लगा। तंग आकर माता-पिता ने मुझे अलग रहने के लिए कह दिया। देवेंद्र का भांजा विक्की घर के पास ही रहता था। विक्की ने मेरे साथ रहने की इच्छा जताई और कहा कि दोनों नौकरी कर बच्चों को भी पाल लेंगे। मैं विक्की के पास रहने चली गई। देवेंद्र को पता चला तो वह हमारे घर आकर विक्की को जान से मारेन की धमकी देने लगा। 12 सितम्बर को देवेंद्र घर के बाहर पहुंचा और मेरे साथ मारपीट करने लगा। यह देख विक्की ने गुस्से में देवेंद्र काके घर में ही खींच लाया। यहां मैंने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। पति की हत्या कर मैं काफी देर तक रोती रही। इसके बाद विक्की और मैंने शव को बोर में बंद कर स्कीम नंबर 155 में फेंक दिया।
एरोड्रम इलाके में 12 सितम्बर की सुबह पुलिस को स्कीम नंबर 155 के खाली प्लाट में लाश पड़ी होने की सूचना मिली। लाश सफेद बोरे में बंद थी। पुलिस ने बोरा खोला तो लाश के हाथ और पैर कपड़े की कतरन से बंधे थे। कतरन देखकर अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि हत्या वाली जगह या मृतक दोनेां में से किसी ना किसी का सिलाई के काम से कनेक्शन है। सोशल मीडिया पर मृतक के फोटो वायरल होने के बाद उसके बड़े भाई आत्माराम ने पहचान पप्पू उर्फ देवेन्द्र पुत्र मुन्ना लाल अग्रवाल के रूप में की। आत्माराम ने सबसे पहले पप्पू की पत्नी नेहा और भांजे विक्की पर आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई। जब पुलिस इनके घर पहुंची तो दोनों फरार मिले। बाद में रिश्तेदार के यहां से इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।