Gorakhpur। स्थानीय महानगर स्थित सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा आज बृहस्पतिवार को ‘क्या AI मानव रचनात्मकता के लिए खतरा है ?’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर एस0डी0 राजकुमार ने की। भाषण प्रतियोगिता में प्रोफेसर विजय प्रताप सिंह, कॉलेज के पूर्व मुख्य नियंता एवं विधि विभाग के पूर्व अध्यक्ष तथा विधि विभाग के ही सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ0 ओंकार नाथ तिवारी निर्णायक की भूमिका में उपस्थित रहें।
निर्णायक मण्डल के सदस्य प्रोफेसर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य का पर्याय बनती जा रही है। मशीनों, मशीनी दिमागों और मशीनी दिलों से भरी इस दुनिया में, सब कुछ तकनीक पर आधारित है। तकनीक पर नियंत्रण पाना कृत्रिम बुद्धिमत्ता का कार्य है। असाधारण मानवीय बुद्धिमत्ता से निर्मित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उन कार्यों का विकल्प है जिन्हें मानव प्रयासों और मशीन की संयुक्त भागीदारी से किया जा सकता है।
निर्णायक मण्डल के सदस्य डॉ0 ओंकार नाथ तिवारी ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि एआई भविष्य पर राज करेगी, क्योंकि रोजमर्रा की तकनीक के क्षेत्र का हर छोटा पहलू किसी न किसी रूप में एआई से प्रभावित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें प्राचार्य प्रोफेसर एस0डी0 राजकुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि इंटेलिजेंस (AI) आज हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है- चाहे वो Smartphone हो, Chatbot हो या फिर Self driving Car । एक ओर AI ने इंसानों के जीवन को आसान बनाया है Healthcare, Education, Bussiness और Security जैसे क्षेत्रों में इसकी भूमिका क्रांतिकारी रही है। यह तेजी से फैसले ले सकता है, डाटा को समझ सकता है और वहां भी काम कर सकता है जहाँ इंसान नहीं पहुँच सकते। लेकिन दूसरी ओर यही तकनीक कई चुनौतियाँ भी लेकर आई है। जैसे नौकरियों की जगह मशीनें ले रही हैं, डाटा प्राईवेसी खतरे में है और Human Emotions की जगह अब इंटेलिजेंस ले रहे हैं। तो सवाल यह है कि एआई हमारे विकास का साथी है या भविष्य का खतरा? उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। सही दिशा में उपयोग करें तो यह दोस्त है और अगर गलत दिशा में इसका उपयोग किया जाए तो यह एक खतरनाक दुश्मन भी बन सकता है।

भाषण प्रतियोगिता में 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें से 15 को चयनित कर प्रतियोगिता करायी गयी, जिसमें प्रथम स्थान बी0काम0 प्रथम वर्ष की छात्रा आरूषी श्रीवास्तव, द्वितीय स्थान बी0काम0 द्वितीय वर्ष के छात्र सुमित श्रीवास्तव तथा तृतीय स्थान बी0काम0 तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियांशी श्रीवास्तव को प्राप्त हुआ।
भाषण प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने में डॉ0 जे0 पी0 यादव, डॉ0 के0डी0 पाण्डेय, डॉ0 पूजा आनन्द, ऐश्विन क्लेमेन्ट, अभिषेक पाण्डेय तथा साक्षी मिश्रा ने सराहनीय भूमिका निभाई।




