January 26, 2026
स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा लावारिस दिव्यांगों एवं मानसिक रोगियों के बीच कंबल वितरण एवं चलंत दरिद्र नारायण भोज का हुआ आयोजन

वाल्मीकिनगर। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में सड़कों के किनारे भटक रहे लावारिस दिव्यांग जनों एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के बीच मानवीय सेवा का अनुकरणीय कार्य किया गया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए संस्था की ओर से दिव्यांग जनों के बीच दूसरे चरण में भी कंबल वितरण किया गया।

स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा लावारिस दिव्यांगों एवं मानसिक रोगियों के बीच कंबल वितरण एवं चलंत दरिद्र नारायण भोज का हुआ आयोजन

समाजसेवी एवं संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद ने कहा कि कंबल वितरण कर ऐसे बेसहारों को राहत देने की कोशिश की गई है । इस सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत संस्था द्वारा विशेष चलंत दरिद्र नारायण भोज का भी आयोजन किया गया जिसमें दिव्यांगजन , एवं असहाय लोगों को सम्मान पूर्वक भोजन कराया गया। संस्था के सदस्यों ने स्वयं आगे बढ़कर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी ने कहा कि 14 नवंबर 2012 से लावारिस दिव्यांगजनों को हर दिन घूम-घूम कर भोजन दिया जाता है। समय-समय पर विशेष चलंत दरिद्र नारायण भोज का भी आयोजन होता है।
संस्था के एम.डी संगीत आनंद ने कहा कि ऐसे लोग जो बोलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते , जिसे लोग विक्षिप्त मानसिक बीमार और दिव्यांग कहते हैं । वैसे लोगों को सेवा प्रदान करना ,उन्हें कंबल देना ,गर्म कपड़े देना, भोजन देना यह एक सबसे बड़ी समाज सेवा और पुण्य- धर्म का काम है। यह कंबल वितरण फौजी विद्यासागर राणा के सौजन्य से किया गया।

स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा लावारिस दिव्यांगों एवं मानसिक रोगियों के बीच कंबल वितरण एवं चलंत दरिद्र नारायण भोज का हुआ आयोजन

इस कार्यक्रम में संस्था के सचिव अखिलानंद ,कोषाध्यक्ष शिवचंद्र शर्मा ,संरक्षक विजय कुमार, लक्ष्मण सोनी, मुकेश कुमार, धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज, पवन भट्टराई, लोकनाथ राम, स्वास्थ्य कर्मी कुमारी संगीता, शहद निर्माता सत्येंद्र सिंह, किशोर कुमार, प्रदीप कुमार,एवं दीपक राम की भूमिका सराहनीय रही। सभी पदाधिकारी ने मानवता और इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। स्थानीय लोगों ने भी इस सेवा कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

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