सिसवा बाजार-महराजगंज। राष्ट्रीय कैडेट कोर के तत्वावधान में 102 यूपी बटालियन, गोरखपुर मुख्यालय द्वारा परमहंस पाल पीजी कॉलेज, सिसवा बाजार में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के छठवें दिन कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया गया।
दिनभर चले प्रशिक्षण सत्रों में कैडेट्स ने फील्ड एवं बैटल क्राफ्ट, फील्ड सिग्नल, नाइट नेविगेशन और मैप रीडिंग जैसी सैन्य गतिविधियों का अध्ययन किया। वहीं, वाद-विवाद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शिविर के वातावरण को देशभक्ति, उत्साह और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत कर दिया। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य कैडेट्स को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम बनाने के साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करना है।
इसी क्रम में छठवें दिन विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स को विपरीत परिस्थितियों में सूझबूझ से कार्य करने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और सामूहिक रूप से समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।शिविर के दौरान कैडेट्स को फील्ड एवं बैटल क्राफ्ट के अंतर्गत मैदानी परिस्थितियों में सतर्कता, सामरिक समझ, व्यक्तिगत सुरक्षा और समूह के साथ समन्वय स्थापित करने के महत्व से परिचित कराया गया। फील्ड सिग्नल के प्रशिक्षण में संकेतों के माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी तालमेल की उपयोगिता समझाई गई। इन गतिविधियों ने कैडेट्स को सैन्य जीवन में संचार, अनुशासन और त्वरित निर्णय लेने की भूमिका से परिचित कराया।
मैप रीडिंग के सत्र में मानचित्र को समझने, दिशा पहचानने, स्थानों का निर्धारण करने और निर्धारित मार्ग के अनुसार आगे बढ़ने की जानकारी दी गई। वहीं, नाइट नेविगेशन के अंतर्गत रात्रि के समय दिशा एवं स्थान की पहचान करने, सावधानी बरतने और सीमित दृश्यता में निर्धारित निर्देशों का पालन करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इन प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स में अवलोकन क्षमता, एकाग्रता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास विकसित करने पर बल दिया गया।
शिविर में डिजास्टर मैनेजमेंट और सिविल डिफेंस से संबंधित प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। कैडेट्स को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के समय सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक सहायता और प्रभावित लोगों की मदद करने की आवश्यकता से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सही समय पर लिया गया निर्णय, सामूहिक सहयोग और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग जनहानि को कम करने में सहायक हो सकता है।
सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास से संबंधित सत्रों में समाज के प्रति जिम्मेदारी, नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन, स्वच्छता, सहयोग, सामाजिक समरसता और जनहित के कार्यों में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर चर्चा की गई। कैडेट्स को प्रेरित किया गया कि वे प्रशिक्षण शिविर से प्राप्त ज्ञान को अपने परिवार, शैक्षणिक संस्थान और समाज तक पहुंचाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
आज कंपनी वार वाद विवाद प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें सभी कम्पनी के जूनियर एवं सीनियर डिवीजन के छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।






