April 14, 2024
हजार पिता के सम्मान होती है एक मां की ममताः उषा शर्मा

सिसवा बाजार-महराजगंज। सिसवा कस्बे के गायत्री शक्ति पीठ के तत्वावधान में श्री रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित कुडीय महायज्ञ मेंआजमगढ़ की प्रवचव वक्ता उषा शर्मा ने जीवन पर आधारित रचनाओं का वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि शरीर की बिमारियों को हम तो डाक्टर को देखा लेते है। पंरतु मन को स्वस्थ रखने के लिए किसे दिखाए। मां के गर्भ में पल रहे बच्चों के अंदर चार प्रकार के संस्कार जन्म लेने से पहले ही मिल जाते है। ऋषियों ने कई वर्ष पहले मावन जाति को सोलह प्रकार के टिंके बताएं थे। लेकिन आज के परिवेश में आधुनिक मशीनों के आगे वह सब फेल है। मां कभी भी बच्चे को श्रेष्ठ बच्चे ही जन्म देना चाहती है। या श्रेष्ठ बच्चे न हो तो वह बाज ही रहना उसके लिए सही है।

कार्यक्रम के आयोजक इजीनियर सुरेश खरवार रहे। इस दौरान राधा शर्मा, प्रमोद शर्मा, विश्वजीत, अनिल जायसवाल, अनिरुद्ध जयसवाल, राम उग्रह, विभूति, शकुंतला, निर्मला, कविता सहित गायत्री एवं गायत्री शक्तिपीठ के कार्यकर्ता गण मौजूद रहे।

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