सिसवा बाजार-महराजगंज। राष्ट्रीय कैडेट कोर के तत्वावधान में 102 यूपी बटालियन द्वारा परमहंस पाल पीजी कॉलेज गुरली, सिसवा बाजार में चल रहे प्रशिक्षण शिविर 169 के सातवें दिन कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के अंतर्गत डे नेविगेशन, 5.56 एमएम इंसास राइफल की सामान्य विशेषताओं, खोलने-जोड़ने की प्रक्रिया, दूरसंचार व्यवस्था, फायर कंट्रोल ऑर्डर तथा फील्ड क्राफ्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं जिसके माध्यम से कैडेट्स में सैन्य अनुशासन, तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत ट्रेनिंग जे सी ओ सुमेर सिंह, नायक यूसुफ खान, नायक दीपक ने सुबह डे नेविगेशन के अंतर्गत पॉइंट-टू-पॉइंट अभ्यास के द्वारा कैडेट्स को मानचित्र एवं निर्धारित निर्देशों के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने, दिशा की पहचान करने और मार्ग का सही आकलन करने का गुड़ सिखाया गया और साथ ही साथ कैडेट्स की अवलोकन क्षमता, एकाग्रता, निर्णय लेने की योग्यता और मैदानी परिस्थितियों में आत्मविश्वास को विकसित किया गया।
हथियार प्रशिक्षण में हवलदार सतीश भगत, हवलदार अनूप सिंह, हवालदार आनंद सिंह ने 5.56 एमएम इंसास राइफल के संबंध में प्रशिक्षण दिया । कैडेट्स को राइफल की सामान्य विशेषताओं, उसके विभिन्न भागों तथा अधिकृत प्रशिक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत खोलने और जोड़ने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने हथियारों के सुरक्षित रखरखाव, अनुशासन और सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जिससे कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण में तकनीकी जानकारी के साथ जिम्मेदारी और सावधानी के महत्व को समझने का अवसर मिला। दूरसंचार प्रशिक्षण सत्र के अंतर्गत कैडेट्स को आर टी प्रक्रिया के माध्यम से संचार व्यवस्था, संदेशों के आदान-प्रदान और निर्धारित संचार नियमों के पालन की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि किसी भी सैन्य गतिविधि में स्पष्ट संचार, सही सूचना और आपसी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसके अतिरिक्त फायर कंट्रोल ऑर्डर से संबंधित प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स को निर्धारित आदेशों को समझने, उनका सही तरीके से पालन करने तथा प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान फील्ड क्राफ्ट से संबंधित गतिविधियों में फसलों के बीच अनुकूलन एवं मैदानी परिस्थितियों को समझने के उद्देश्य से अभ्यास भी निर्धारित किया गया। इसके साथ ही कैडेट्स को शिविर के अनुशासित वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त करने, समयबद्धता बनाए रखने और समूह के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
ज्ञान एवं सामान्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, प्रतियोगिता में कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जानकारी एवं बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद बालिकाओं के लिए थ्रो बॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें खेल भावना, सहयोग और टीम वर्क को प्रोत्साहित किया गया। सातवें दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम सैन्य गतिविधियों, तकनीकी ज्ञान, खेलकूद और सांस्कृतिक अभ्यासों का समन्वय रहा।
ले. कर्नल मिथुन मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, शारीरिक एवं मानसिक दक्षता तथा राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। शिविर में आयोजित विभिन्न गतिविधियाँ कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनने और भविष्य में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का समझदारी एवं समन्वय के साथ सामना करने के लिए प्रेरित करता हैं।




