July 11, 2024
Gorakhpur: सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ उद्घाटन

Gorakhpur: Two-day national seminar inaugurated at St. Andrews College

Gorakhpur। सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज गोरखपुर के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा ‘रिसेन्ट ट्रेन्डस इन केमिक्ल साइन्सेज एण्ड रिसर्च प्रोस्पेक्ट’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पधारी प्रोफेसर पूनम टन्डन कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान का क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है जिसमें सभी विज्ञान शामिल है। अब विषयान्तर शोध का समय है। भविष्य की चुनौतियों में इस दुनिया को सुरक्षित व स्वस्थ्य रखने के लिए रसायन विज्ञान के वैज्ञानिकों को आगे आना होगा। कालेज द्वारा इस विषय पर संगोष्ठ आयोजित करने के लिए उन्होने बधाई दी।

विशिष्ट अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर यू0एन0 त्रिपाठी ने कहा कि शोध में नवाचार की आवश्यकता है। अब तकनीक और लैब को साथ मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी0ओ0 सैमुअल ने हरित रसायन के द्वारा पर्यावरण को शुद्ध रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होने नैनो पेस्टिसाइडस की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया और अपने वक्तव्य में आगे उन्होने कहा कि यह संगोष्ठी छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों तथा वैज्ञानिकों को अपने विचार एक-दूसरे से व्यक्त करने तथा नये तकनीकों को सीखने में उपयोगी साबित होगा।

Gorakhpur: सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ उद्घाटन

भारतीय विषविज्ञान अनुसांधान संस्थान के अवकाश प्राप्त प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ0 विरेन्द्र मिश्रा ने गुड लैब्रोरेट्री प्रैक्टिसेस और उसकी औषधीय व औद्योगिक रसायनों में उपयोगिता विषय पर बोलते हुए कहा कि आज आप जो भी करते है उसको लिपिबद्ध कीजिए। आज जी0एल0पी0 का सिद्धान्त का उपयोग फार्मासूटिक्लस, काॅस्मेटिक, वेटेनरी ड्रग्स, पेस्टिसाइडस और आद्योगिक रसायनों के पंजीकरण व लाइसेंसिंग के नियामक सुरक्षा परीक्षण के लिए आवश्यक है।

इस संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर सुभाष पी0डी0 ने सभी आगन्तुकोे का औपचारिक स्वागत किया। आयोजन सचिव डाॅ0 जे0के0 पाण्डेय ने कार्यशाला की थीम पढ़ी तथा धन्यवाद ज्ञापन किया। सह-आयोजन सचिव डाॅ0 अमित मसीह ने कार्यक्रम का संचालन किया।
प्रथम तकनीकी सत्र में दी0द0उ0 गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के रसायन विज्ञान के अवकाश प्राप्त प्रोफसर निजामुद्दीन ने क्लिक और बायोआर्थोगोनल केमेस्ट्री पर व्याख्यान दिया। बी0एच0यू0 के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर बलिराम ने पानी के शुद्धिकरण में मेम्ब्रेन सेपरेशन की तकनीक की वर्तमान स्थिति व भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस सत्र की अध्यक्षता दी0द0उ0 गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के भूतपूर्व प्रोफेसर गुरदीप सिंह ने की।

द्वितीय तकनीकी सत्र में पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ के डाॅ0 रवि प्राप्त बरनवाल ने मेनेन्जाइटिस में प्रयुक्त होने वाले आर0एन0ए0 थर्मोमीटर के रसायनिक पहलू को बताया। मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के डाॅ0 पी0पी0 पाण्डेय ने हरित रसायन के औद्योगिक प्रयोगों को बताया।
दी0द0उ0 गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के प्रोफेसर सोम शंकर दूबे ने वायु गुणवत्ता पर चर्चा की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डाॅ0 सीमान्त कुमार श्रीवास्तव ने प्राकृतिक प्रकाश में उपयोग होने वाले फोटोकेटलिस्ट पदार्थों के बारे में बताया।

सांस्कृतिक संध्या के द्वारा प्रथम दिन का समापन हुआ। इस अवसर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस0के0 सेन गुप्ता, प्रोफेसर एन0के0 शुक्ला, डाॅ0 अतरेश कुमार सिंह, डाॅ0 आलोक कुमार श्रीवास्तव, डाॅ0 सी0पी0 सिंह, डाॅ0 मनोज श्रीवास्तव, डाॅ0 सीमा श्रीवास्तव, डाॅ0 आर0के0 मिश्रा, चिकित्सक डाॅ0 अजय कुमार श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति रही।

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