February 21, 2024
डीजल इंजन वाले वाहनों पर 10 फीसदी बढ़ सकता है टैक्स, नितिन गडकरी ने बताया प्लान

नईदिल्ली। भारत सरकार इन दिनों ई-वाहनों को प्रमोट करने में पूरी तरह से लगी हुई है। हाल ही में जी20 समिट में भी भारत ने ग्रीन एनर्जी को काफी प्रमोट किया। इस बीच, भारत के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि वह डीजल इंजन वाहनों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव करने की योजना बना रहे हैं।

डीजल इंजन वाले वाहनों पर 10 फीसदी बढ़ सकता है टैक्स, नितिन गडकरी ने बताया प्लान

वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के 63वें वार्षिक सम्मेलन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा वे इसके बारे में आज वित्त मंत्री के साथ चर्चा करेंगे और यह प्रस्ताव उनके सामने रखेंगे। भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार में डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के प्रयास में डीजल इंजन वाहनों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव करने की योजना बना रहा है।

डीजल इंजन वाले वाहनों पर 10 फीसदी बढ़ सकता है टैक्स, नितिन गडकरी ने बताया प्लान

नई दिल्ली में एक सम्मेलन में गडकरी ने कहा, जल्द ही डीजल को अलविदा कहें, नहीं तो हम इतना टैक्स बढ़ा देंगे कि आपके लिए इन वाहनों को बेचना मुश्किल हो जाएगा। देश में फिलहाल ज्यादातर कमर्शियल वाहन डीजल से चलते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया और होंडा सहित विभिन्न कार निर्माताओं ने पैसेंजर वाहन सेगमेंट में डीजल से चलने वाली कार का निर्माण पहले ही बंद कर दिया है।

गडकरी ने कहा कि देश में डीजल कार पहले ही काफी कम हो गई हैं और निर्माताओं को इन्हें बाजार में बेचना बंद करना होगा। उन्होंने डीजल को खतरनाक ईंधन करार देते हुए कहा कि मांग को पूरा करने के लिए देश को ईंधन का आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वह डीजल से चलने वाले जेनरेटर पर भी अतिरिक्त जीएसटी का प्रस्ताव रखेंगे। वर्तमान में ऑटोमोबाइल पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, साथ ही वाहन के प्रकार के आधार पर एक प्रतिशत से 22 प्रतिशत तक अतिरिक्त उपकर लगता है।

गडकरी ने उद्योग से इथेनॉल जैसे पर्यावरण-अनुकूल वैकल्पिक ईंधन और हरित हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित करने को भी कहा। मंत्री की टिप्पणियों के बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा और अशोक लीलैंड 2.5 फीसदी से 4 फीसदी के बीच गिर गए। वहीं, टाटा मोटर्स के शेयरों में भी करीब 2.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। सरकार की तरफ से टैक्स बढ़ाने का प्लान ऐसे समय आया है जब हाल ही में वाहनों की बिक्री को लेकर सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने अगस्त का डेटा जारी करते हुए बताया था कि घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की थोक बिक्री अगस्त में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 3,59,228 यूनिट हो गई है।

सियाम ने बताया कि अगस्त 2022 में विनिर्माताओं द्वारा डीलरों को 3,28,376 यात्री वाहनों की सप्लाई की गई थी। यूटिलिटी वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 1,81,825 इकाई हो गई। पैसेंजर कार की बिक्री 10 प्रतिशत घटकर 1,20,031 इकाई रह गई, जो पिछले साल समान अवधि में 1,33,477 इकाई थी। वैन की थोक बिक्री भी 12,236 इकाइयों से घटकर 11,859 इकाई रह गई।

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