सिसवा बाजार-महराजगंज। परमहंस पाल पीजी कॉलेज, सिसवा बाजार में राष्ट्रीय कैडेट कोर के 102 यू.पी. बटालियन, गोरखपुर मुख्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्रीय एकता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
शिविर में सैन्य अधिकारियों ने कैडेट्स को मैप एवं कंपास का प्रयोग, संचार एवं सिग्नल के विभिन्न प्रकार, स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल तथा राष्ट्रीय एकता और जागरूकता के विषय में मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को विकसित करना रहा। प्रशिक्षण सत्र के दौरान कैडेट्स को मैप रीडिंग एवं कंपास के उपयोग की उपयोगिता से अवगत कराया गया। सैन्य अधिकारियों ने मानचित्र को पढ़ने, दिशा निर्धारण करने, स्थल की पहचान करने तथा कंपास की सहायता से सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रक्रिया को समझाया।
अधिकारियों ने बताया कि मैप रीडिंग सैन्य प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से कैडेट्स विषम परिस्थितियों में भी अपनी स्थिति का आकलन करने, निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकते हैं। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स को इन तकनीकों का महत्व समझाया गया।
इसी क्रम में संचार एवं सिग्नल के प्रकार विषय पर आयोजित सत्र में कैडेट्स को प्रभावी संचार व्यवस्था की आवश्यकता और महत्व की जानकारी दी गई। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि किसी भी सैन्य अभियान, आपदा प्रबंधन अथवा सामूहिक गतिविधि की सफलता के लिए सूचनाओं का समय पर और सही आदान-प्रदान आवश्यक है। संचार के विभिन्न माध्यमों, संकेतों के महत्व तथा संदेशों को स्पष्ट एवं व्यवस्थित ढंग से पहुंचाने के तरीकों पर प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने कहा कि बेहतर संचार व्यवस्था टीम भावना, समन्वय और कार्यक्षमता को मजबूत बनाती है।
शिविर के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण एवं व्यक्तिगत देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कैडेट्स को शारीरिक स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन प्रभावी प्रशिक्षण की आधारशिला हैं। एनसीसी कैडेट्स को अपनी शारीरिक क्षमता बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे वे प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एकता एवं जागरूकता विषय पर कैडेट्स को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मिथुन मिश्रा ने भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है। भाषा, धर्म, क्षेत्र और संस्कृति की भिन्नताओं के बावजूद सभी नागरिक एक राष्ट्र के रूप में जुड़े हुए हैं। एनसीसी कैडेट्स का दायित्व है कि वे समाज में एकता, भाईचारे, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करें तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक नागरिक बनें।
अधिकारियों ने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। शिविर के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण कैडेट्स को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सामूहिक रूप से कार्य करने और जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायक सिद्ध होगा।
वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का यह चौथा दिन कैडेट्स के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा। विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से कैडेट्स ने सैन्य तकनीकों, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझा।



