गोरखपुर। स्थानीय महानगर स्थित सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज के विधि विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “साइबर कानून एवं सुरक्षा” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के डॉ० शैलेश सिंह मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में औपचारिक स्वागत विधि विभाग के प्रोफेसर अतुल कुमार सिंह ने किया।
अपने व्याख्यान में डॉ० शैलेश सिंह ने साइबर कानून एवं सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। उन्होनें कहा कि साइबर सुरक्षा और साइबर कानून डिजिटल दुनिया में हमारी संपत्ति, डेटा और अधिकारों की रक्षा करने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। साइबर सुरक्षा का अर्थ कंप्यूटर, सर्वर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, नेटवर्क और डेटा को डिजिटल हमलों और अनधिकृत पहुंच से बचाना है। उन्होनें हैकिंग, फिशिंग, मालवेयर, साइबर बुलिंग और डीपफेक को मुख्य खतरे के रूप मे इंगित किया।
बचाव के लिये उन्होनें मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने और अज्ञात स्रोतों से कोई ऐप डाउनलोड न करने की सलाह दी।
साइबर कानूनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act 2000) भारत में साइबर अपराधों और इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स के लिए महत्वपूर्ण कानून है। इसकी विभिन्न धाराओं के तहत हैकिंग, डेटा चोरी और अन्य साइबर अपराधों के लिए दंड का प्रावधान है। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर उन्होनें तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करने की सलाह दी ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर आर० एन० सैमुअल, ने कहा कि आज मोबाईल और इटरनेट के युग में हम सभी को साबर कानूनों को जानना व समझना आवश्यक है इस अवसर पर डॉ० मीनाक्षी जॉन, विधि विभाग के प्रोफेसर अतुल कुमार सिंह, डॉ० राकेश मिश्रा, रंजना श्रीवास्तव तथा सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी प्रोफेसर जे० के० पाण्डेय सहित विधि के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।




