वाल्मीकिनगर। भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित बेलवा घाट परिसर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 160 वीं नारायणी गंडकी महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का श्री गणेश मुख्य अतिथि नायिका कविता थारू, विशिष्ट अतिथि सुमन सिंह,संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी, मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद, थरुहट के निर्माता एचेल थारू, धर्मनाथ काजी, सतेंद्र सिंह, नमामि गंगे के मुकेश कुमार, चंद्रदेव ठाकुर, भरत कुमार राणा, दीप नारायण कुशवाहा, दिल कुमारी देवी , एवं अविनाश चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया।
मुख्य अतिथि थरुहट की नायिका कविता थारू ने कहा कि शरद पूर्णिमा का अपना अलग महत्व है। इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है।रुद्र नेचुरल साबुन एवं शहद उद्योग की निर्मात्री विशिष्ट अतिथि सुमन सिंह ने कहा कि संगम तट पर महा आरती में सहभागिता मेरा परम सौभाग्य है। संस्था द्वारा वर्ष 2014 से पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के निमित्त जन जागरूकता फैलाने हेतु यह महा आरती की जाती है। समाजसेवी संगीत आनंद और संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी ने विशिष्ट प्रतिभाशाली व्यक्तित्व को अंग वस्त्रम द्वारा सम्मानित किया।
इस क्रम में नायिका कविता थारू, गायिका गीता कुमारी, सुमन सिंह, सत्येंद्र सिंह,चंद्रदेव ठाकुर ,भरत सिंह राणा , एवं दीप नारायण कुशवाहा अंगवस्त्र द्वारा सम्मानित किए गए। इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान करने हेतु वाल्मीकि वसुधा परिवार के संचालक विद्यादित्य सिन्हा उर्फ़ संजू भैया,विजय कुमार, चंद्रदेव ठाकुर,अजय भक्त,लक्ष्मण सोनी,लेखक एम शफी, धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज और पवन भट्टराई के प्रति आभार प्रकट किया गया। कथा पूजा एवं हवन द्वारा विश्व शांति की कामना की गई।
अंजू देवी ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में आसमान से अमृत वर्षा होती है। खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने महा आरती कार्यक्रम में भाग लिया। कथा पूजा एवं हवन द्वारा विश्व शांति की कामना की गई। संचालन संगीत आनंद ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन निर्माता एचेल थारू ने किया। महाप्रसाद की व्यवस्था वी. डी सिन्हा उर्फ़ संजू भैया तथा विजय कुमार द्वारा की गई।
इस अवसर पर गायिका अहिल्या कुमारी, धर्मनाथ काजी,अविनाश चौधरी, गायिका अहिल्या कुमारी,संजीव कुमार, निशा कुमारी, उषा देवी, शत्रुघ्न कुमार,सुनील कुमार, मुरारी कुमार, अर्पिता कुमारी, आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी, काजल कुमारी, बेबी कुमारी, अरुण कुमार एवं अनमोल कुमार की भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम के अंत में ए डब्ल्यू पी एल के कार्यकर्ता गण चंद्रदेव ठाकुर, भरत सिंह राणा और दीप नारायण कुशवाहा उर्फ वैद्य जी ने आयुर्वेद वरदान है विषय पर आधारित अपने विचारों को प्रकट करते हुए भक्तों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।




