June 22, 2024
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सांस्कृतिक कार्यक्रम गुलदस्ता 2023 का किया उदघाटन, कही ये बात

जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज पुलिस मुलाजिमों के परिवारों की भलाई के लिए पंजाब पुलिस द्वारा पंजाबी फिल्म एंड टी.वी. कलाकार एसोसिएशन (पी.एफ.टी.ए.ए.) के सहयोग से करवाए गए पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम गुलदस्ता 2023 का उदघाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहलकदमी का उद्देश्य पंजाब पुलिस के जवानों के परिवारां की भलाई को यकीनी बनाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के जवान अपनी डयूटी तनदेही के साथ निभाते हैं और यह समागम इन बहादुर जवानों के परिवारों को समर्पित है। भगवंत सिंह मान ने पी.ए.पी. ग्राऊंट में इस समागम का आयोजन में सहयोग देने के लिए पी.एफ.टी.ए.ए. का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम देश की निस्वार्थ सेवा की बात करें तो पंजाब पुलिस के पास एक अदभुत विरासत है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के परिवारों को काफी कष्ट झेलना पड़ता है क्योंकि पुलिस की ड्यूटी करने वाला व्यक्ति अपने परिवार के लिए समय नहीं निकाल पाता। भगवंत मान ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पुलिस कर्मियों के परिवारों को एक साथ बैठकर कार्यक्रम का आनंद लेने का अवसर प्रदान करना है।

पी.ए.पी. में आयोजित कार्यक्रम दौरान सी.एम. मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन का राज्य की अमन-शांति में अहम रोल है। उन्होंने पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि 80000 जवानों की वजह से पंजाब की साढ़े तीन करोड़ जनता चौन की नींद सो पाती हैं। लेकिन पुलिस पर कई तरह के इल्जाम लगाए जाते हैं, हर मामले में पुलिस को कुछ लोगों द्वारा टार्गेट किया जाता है, जोकि बिल्कुल गलत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन उनकी तरह सख्त डयूटी देना बहुत मुश्किल है। हर तरह के कार्यक्रम के आयोजन में पुलिस अपना बखूबी फर्ज निभाती है, लेकिन अगर थोड़ी सी भी उसमें चूक हो जाए तो पुलिस को दोषी ठहरा दिया जाता है। हमें उनकी स्थिति को भी समझना चाहिए। हमें समझना चाहिए कि कैसे धूप व कड़ाके की ठंड में जवान लोगों की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहते हैं।

सी.एम. मान ने कहा कि आने वाले समय में पंजाब पुलिस में और भर्तियां की जाएंगी ताकि पुलिस बल और मजबूत बनाया जा सके।
सी.एम. मान ने कहा कि पंजाब में लड़के ही नहीं लड़कियों ने भी अपना परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में 6 एस.एस.पी. व 10 डी.सी. पदों पर लड़कियां तैनात हैं।

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