July 18, 2026
जलमग्न हुआ मुख्यमंत्री का शहर, खोखले वादे कि खुल गयी पोल- कुलदीप पाण्डेय

गोरखपुर। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर गोरखपुर शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर की अनेक कॉलोनियां, मुख्य सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन बाधित है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस गंभीर स्थिति पर राष्ट्रीय सर्व जनकल्याण संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से पांच सूत्री मांग के साथ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गोरखपुर में वर्तमान सरकार के सांसद,विधायक मेयर और बड़ी संख्या में पार्षद होने के बावजूद यदि प्रत्येक वर्ष शहर जलभराव की समस्या से जूझता है। तो जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कुलदीप पाण्डेय ने यह भी कहा कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी जी का गृह जनपद और शहर भी है। ऐसे में यदि यहां की जनता को ही जलभराव, टूटी सड़कों और बदहाल जलनिकासी जैसी समस्याओं से जूझना पड़े तो यह अत्यंत चिंताजनक है। कुलदीप पाण्डेय का आरोप है कि शासन प्रशासन और गोरखपुर नगर निगम द्वारा वर्षों से बड़े-बड़े दावे और विकास के वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं दिखाई देता।जनता अब केवल घोषणाएं नहीं,बल्कि परिणाम चाहती है।यदि बरसात से पहले नालों की सफाई,ड्रेनेज व्यवस्था का रखरखाव और संवेदनशील क्षेत्रों में ठोस तैयारी की गयी होती तो आज शहर की यह स्थिति नहीं होती। शासन-प्रशासन व नगर निगम गोरखपुर से इस समस्या के सम्बन्ध मे 5 प्रमुख मांग करता हूं जिससे जनता को राहत मिल सके। 1. 24 घंटे के अंदर सभी जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और समय-समय पर नालियों कि अच्छे से सफाई हो। 2. जलनिकासी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। 3. क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। 4. गोरखपुर के लिए स्थायी एवं आधुनिक ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाकर समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए। 5. जलभराव से प्रभावित परिवारों, दुकानदारों एवं छोटे व्यापारियों के नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!