हैदराबाद। भारत की पहली महिला ऑडियो इंजीनियर और पहली महिला म्यूजिक टेक्नीशियन के रूप में पहचान बनाने वाली डॉ. साजिदा खान ने अपने कार्य और संघर्ष से देश की महिलाओं के लिए एक नई मिसाल कायम की है। तेलंगाना की रहने वाली डॉ. साजिदा खान पिछले दो दशकों से अधिक समय से ऑडियो इंजीनियरिंग जैसे पुरुष प्रधान क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दे रही हैं।
उनकी असाधारण उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2018 में उन्हें राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी द्वारा प्रतिष्ठित “फर्स्ट लेडीज अवॉर्ड” से सम्मानित किया। यह सम्मान देश की उन 112 महिलाओं को दिया गया था जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में पहली बार इतिहास बनाया।
डॉ. साजिदा खान को तेलंगाना सरकार द्वारा वर्ष 2019 में “तेलंगाना विशिष्ट महिला पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया। उन्हें अमेरिका से मानद डॉक्टरेट की उपाधि सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, तेलंगाना बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स शामिल हैं।
साजिदा खान ने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और भोजपुरी सहित 60 से अधिक फिल्मों में ऑडियो इंजीनियर के रूप में काम किया है। उन्होंने डबिंग, साउंड इफेक्ट्स और फाइनल साउंड मिक्सिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता दिखाई है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म “अडवी ना तల్లి रा” में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
महिला सशक्तिकरण और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डॉ. साजिदा खान लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने 400 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और युवा संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया है। वह युवतियों को STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
उनकी प्रेरणादायक यात्रा आज लाखों महिलाओं के लिए संदेश है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।

