महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निचलौल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के समय ओपीडी में 249 मरीजों का उपचार किया जा चुका था, जबकि आपातकालीन कक्ष में 17 मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई थी। जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध उपचार एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
बीपीएचयू लैब के निरीक्षण में अब तक 68 पैथोलॉजिकल जांचें कि गई थीं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की जांच एवं स्क्रीनिंग का विवरण अनिवार्य रूप से पहचान पोर्टल पर दर्ज किया जाए। एक्स-रे इकाई में निरीक्षण के समय तक 9 मरीजों की जांच की जा चुकी थी।
निरीक्षण में एमसीएच विंग में तैनात स्टाफ की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। वहीं पीआईसीयू वार्ड में कोई मरीज भर्ती न मिलने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि हाई ग्रेड फीवर सहित आवश्यकता वाले मरीजों को चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जाए। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात शिशुओं के उपचार की जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने संबंधित परिवारों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य पात्र योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर, आयुष्मान वार्ड, प्रसव कक्ष एवं अन्य वार्डों में साफ-सफाई संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल व्यापक सफाई अभियान चलाने, रोस्टर के अनुसार सफाई कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने तथा अस्पताल परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग कर लाइन लिस्ट तैयार करने तथा आशा, एएनएम एवं स्टाफ नर्सों के माध्यम से समयबद्ध जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनका विवरण पहचान पोर्टल पर अपलोड करने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत समय से भुगतान सुनिश्चित करने, मरीजों के बेडशीट प्रतिदिन नियमानुसार बदलने, बेड के समीप रखी जाने वाली मेजों को स्वच्छ रखने तथा अस्पताल में बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर में पड़े निष्प्रयोज्य वाहनों एवं जर्जर आवासों को नियमानुसार कंडम घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने, अग्निशमन संबंधी समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण कराने एवं सभी कर्मचारियों का मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीपीएचयू भवन तक जाने वाले मार्ग का इंटरलॉकिंग कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए, ताकि मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों की स्वच्छता तथा मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ सुरेंद्र कुमार चौधरी, अधीक्षक डॉ. उमेश चन्द सिंह, फिजिशियन डॉ. मनीष खन्ना, एल.टी.राजकुमार पाण्डेय, बीसीपीएम परेश्वर शाही सहित अन्य चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल कर्मी उपस्थित पाए गए।



